भारतीय परिवार तेजी से विखंडन की ओर बढ़ रहा है

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चंदौली रिपोर्ट अभिषेक जायसवाल

आधुनिकता की चकाचौंध में भारतीय परिवार तेजी से विखंडन की ओर बढ़ रहा है। एकल परिवार में वृद्धि से लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बिखराव को रोकने में मातृ शक्ति का योगदान सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। क्योंकि सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति में माृत शक्ति अनादि काल से ही पूजनीय व वंदनीय रही है। उक्त बातें रविवार को आरएसएस की ओर से आयोजित कुटुम्ब प्रबोधन व परिवार मिलन समारोह में कुटुम्ब प्रबोधन के जिला संयोजक अजय जी ने कही। उन्होंने कहा कि भारतीय नारी के कई अवतार होते है। भारत की महिलाए मां, बहन, मौसी, पत्नी सहित अन्य रूपों में अपने दायित्वों का निर्वहन करती है। लेकिन विगत कई वर्षो से परिवार में विघटन देखने को मिल रहा है। इस विघटन को रोकने व परिवार में एकजूटता बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से कुटुम्ब प्रबोधन के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आरएसएस का मुख्य उद्देश्य है कि परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन करें और एक दूसरे के सुख दुख में सहभागी हो। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत भारत माता, प्रभु श्रीराम के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण करके किया गया। जिला कार्यवाह जय प्रकाश ने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखना होगा। तभी हमारा परिवार एकजूट रहेगा। विभाग संयोजक दयाशंकर ने कहा कि परिवार में हो रहे बिखराव को रोकने में महिलाओं का योगदान सराहनीय हैै। आज की युवा पीढ़ी की बहने भारतीय संस्कृति व मर्यादा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान कर सकती है। अध्यक्षता करते हुए ओमप्रकाश सिंह उर्फ ओपी सिंह ने कहा कि भारत की महिलाए मां दुर्गा, मां काली व मां सरस्वती के रूप में पूजी जाती है। समय आने पर महारानी लक्ष्मी बाई व मां महिषासुर मर्दनी का भी धारण करती है। सनतान धर्म मंे शक्ति की पूजा सबसे पहले की जाती है। इसलिए महिलाए परिवार को एकजूट बनाए रखने में अपनी भूमिका का निर्वहन करे। क्योंकि आज सीमित परिवार में वृद्धि हो रही है। इसका विपरीत प्रभाव बच्चों पर भी पड़ रहा है। क्योंकि पहले घर के बड़े बुजुर्गो के साथ बच्चे शिक्षा के साथ ही अपने धर्म के बारे में भी जानकारी प्राप्त करते थे। लेकिन आधुनिकता की चकाचौंध में आज के बच्चे मोबाईल पर ज्यादा समय दे रहे है। इससे उनका मानसिक विकास अवरूद्ध हो रहा है। साथ ही वे अपनी संस्कृति, सभ्यता व धर्म से दूर होते जा रहे है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक दूसरे को अबीर व गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाए दी। साथ ही आयोजित सहभोज में सभी लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद साधना सिंह, दयानंद जी, संजय अग्रहरि, सतीश अग्रवाल, अनिल अग्रहरि, अमरनाथ, काशीनाथ, महेश कश्यप, धनजी, गणेश प्रसाद गुप्ता, सुरेश अग्रहरि, भरत जी, अभिषेक जायसवाल, राकेश जी , गार्गी जी , तनु जी . प्रकृति जी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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