बाल शिशु गृह में मिली खामियां, जांच कराकर की जाएगी कार्रवाई

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-आई फ्लू की रोकथाम को दवा की उपलब्धता करें सुनिश्चित

चंदौली : राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष (राज्य मंत्री) डा देवेंद्र शर्मा ने कहा कि पीडीडीयू नगर में बाल शिशु गृह की जांच में खामियां उजागर हुई हैं। इसकी जांच कराकर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकार में न होने पाए। कहा कि सभी विद्यालयों में मलेरिया की दवा का छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मच्छर न पनपने पाएं। वह शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित डाक बंगले में पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे।
कहा कि बच्चों में आई फ्लू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चाें के लिए सरकार संवेदनशील है। बच्चों को चार हजार रुपये मासिक के साथ पठन-पाठन के लिए लैपटाप का वितरण किया जा रहा है। वर्ष 2020 के बाद जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है, उन्हें दो हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। कन्या सुमंगला योजना के तहत शून्य से 18 वर्ष की किशोरियों पर सरकार विशेष रूप से ध्यान दे रही है। एक सवाल के जवाब में कहा कि जो बच्चे भिक्षा वृत्ति कर रहे हैं , उन्हें शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। वहीं जिन बच्चों के माता या पिता सजायाफ्ता हैं उन्हें भी ढाई हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है। राज्य मंत्री ने कहा कि राइट टू एजुकेशन के तहत जो निजी विद्यालय गरीब बच्चों का प्रवेश लेने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे विद्यालयों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अब बाल संरक्षण इकाई को त्रिस्तरीय बनाया जाएगा, ताकि बच्चों का संरक्षण करने के साथ उनका विकास हो सके। सीडीओ एसएन श्रीवास्तव, एएसपी सुखराम भारती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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