बाढ़ से निपटने को स्थापित की गईं 42 चौकियां, लगाए गए गोताखोर

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-65 नाविक और 17 गोताखोर ग्रामीणों की मदद के लिए रहेंगे मुस्तैद
-तहसीलवार कर्मियों की तैनाती, बाढ़ से प्रभावित होते हैं 292 गांव

चंदौली : गंगा के जल स्तर में निरंतर हो रही वृद्धि के मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित बाढ़ से बचाव को तैयारी तेज कर दी है। गंगा के तटवर्ती गांवों के साथ चंद्रप्रभा, कर्मनाशा व गड़ई नदी के किनारे स्थित गांवों में 42 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। ग्रामीणों को बाढ़ से बचाने के लिए 65 नाविक व 17 गोताखोर लगाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को खाद्यान्न आदि के वितरण के लिए सामग्री किट सभी तहसीलों में उपलब्ध करा दी गई है।
दरअसल बारिश के दिनों में प्रतिवर्ष खासकर गंगा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। बाढ़ का पानी गांवों में प्रवेश करने के कारण ग्रामीणों की खेती-गृहस्थी प्रभावित होती है। पशुओं को चारा-पानी की भी किल्लत उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है, ताकि किसी भी समस्या से त्वरित निपटा जा सके।


बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव

सदर तहसील में गड़ई नदी से प्रभावित होने वाले गांवों की संख्या 28 है। वहीं चंद्रप्रभा 65 व कर्मनाशा नदी से 18 गांव प्रभावित होते हैं। वहीं चकिया तहसील में गड़ई नदी से छह, चंद्रप्रभा 20 व कर्मनाशा से 29 गांव प्रभावित होते हैं। मुगलसराय तहसील में गंगा से 30 व गड़ई से 24 गांव प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त सकलडीहा तहसील में कुल 72 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। जनपद में बाढ़ से प्रभवित होने वाले कुल गांवों की संख्या 292 है।

तहसीलवार लगाए गए कर्मचारी

बाढ़ से ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए तहसीलवार कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक तहसील में राजस्व कर्मियों के साथ अन्य विभागीय कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


जल्द मिल जाएगा बजट

बाढ़ आपदा से निपटने के लिए फिलहाल जिला प्रशासन को शासन की ओर से बजट आवंटित नहीं हो पाया है। विभागीय कर्मियों की मानें तो एक-दो दिन में बजट मिलने की उम्मीद है।

वर्जन
संभावित बाढ़ से निपटने को सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। बाढ़ चौकियों की स्थापना के साथ गोताखोरों को भी लगाया गया है, ताकि किसी प्रकार की समस्या का त्वरित निदान किया जा सके।

उमेश चंद्र मिश्र, अपर जिलाधिकारी

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