सांप आस्तीन में अपने नहीं पलने देंगे, चाल दुश्मन को यहां हम नही चलने देंगे : कवि सुरेश अकेला

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चंदौली : कविता न केवल आनंदित करती है बल्कि समाज को दिशा भी देती है। कविता समाज को पतित होने से रोकने के साथ ही उसकी विसंगतियों को दूर करने का संदेश देती है। जब जब अपने देश को साहित्य और इससे जुड़े लोगों की जरूरत हुई दोनों ने अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया है। ये बातें नगर पंचायत चंदौली के नवनिर्वाचित चेयरमैन सुनील कुमार गुड्डू ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कही। अवसर था नगर के अरविंद वाटिका में काव्य मंजूषा चंदौली के तत्वावधान में नगर पंचायत के निर्वाचित सभी सभासदों के साथ ही अध्यक्ष के नागरिक अभिनंदन समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का। कार्यक्रम में देर रात तक आमंत्रित कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओंके माध्यम से उपस्थित सभी श्रोताओं को काव्य रस में गोते लगवाई और उन्हें आनंदित करती रहीं। कवि सम्मेलन की शुरुआत गीतकार मनोज मधुर के सरस्वती वंदना हे हंस वाहिनी से हुआ। वाराणसी से आए वाह भाई वाह फेम कल्याण विशाल ने सुनाया ‘अधरों पे तिल तुम्हारा देखा जायेगा’ तो उपस्थित युवाओं ने खूब दाद दी। जनपद के प्रसिद्ध युवा कवि सुरेश अकेला ने सांप आस्तीन में अपने नहीं पलने देंगे, चाल दुश्मन को यहां हम नही चलने देंगे, अपना भारत है मुहब्बतों का गुलदस्ता, आग नफ़रत की यहां हम नहीं जलने देंगे, सुनाकर सभी को देश के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराया। जमशेदपुर झारखंड से आई प्रसिद्ध कवयित्री अंकिता सिन्हा ने घर को घर जैसा बनाती प्यारी प्यारी बेटियां सुनाकर सभी को भाऊक कर दिया और खूब तालियां बटोरी।लखनऊ से उपस्थित कवियित्री श्रुति श्रीवास्तव ने श्रृंगार की पंक्तियां सुनाया कि दिल है तुमपे फिदा ऐ प्रिय ज्ञात हो तुम मिलो कि मुकम्मल मुलाकात हो, सारनाथ वाराणसी से आई कवयित्री श्वेता राय कनक ने हे राम तुम्हारे चरणों में मिलता है अनुपम प्यार मुझे सुनाकर भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट किया।

जनपद के हास्य कवि रोहित पाण्डेय ने एक दिन मेरे मन में भी नेता बनने का भाव जाग सुनाकर व्यंग करने करने का प्रयास किया। कार्यक्रम संयोजक कृष्णा मिश्रा ने तेरे गालों के तिल पर निशान रह । बस्ती से आए डॉक्टर प्रशांत सिंह ने सोसल मीडिया पर आधारित कविता सुनकर सबको खूब हंसाया। जनपद का कवि सत्यम त्रिपाठी ने सुनाया कि फुल कोई और तोड़ ले गया माली तितली उड़ता रहा गया। कवि सम्मेलन का सफल संचालन हास्य के प्रसिद्ध कवि दमदार बनारसी ने किया और अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी को गुदगुदाते रहे।

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